Deep Work Explained - How To Quit Social Media - Cal Newport
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खोया हुआ फोकस 0:00
वीडियो की शुरुआत में सवाल पूछा जाता है कि आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा एसेट क्या है। घर, गाड़ी या बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि आज के दौर में सबसे बड़ा एसेट है आपका फोकस, आपकी अटेंशन। यही अटेंशन मोबाइल फोन ने हमसे छीन ली है। एक नोटिफिकेशन आते ही हम अपना सारा काम भूल जाते हैं, हमारी प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी खत्म हो जाती है। कहा जाता है कि गोल्ड फिश का ध्यान 8 से 10 सेकंड टिकता है, लेकिन आज इंसान का ध्यान उससे भी कम रह गया है क्योंकि दिमाग को हर कुछ सेकंड में एक नया डोपामिन हिट चाहिए।
डीप वर्क की परिभाषा 2:31
कैल न्यूपोर्ट के मुताबिक डीप वर्क वह काम है जो लंबे समय तक पूरी फोकस के साथ किया जाए, जिसमें कॉग्निटिव एबिलिटीज को पुश किया जाए और काम में इतनी वैल्यू और क्रिएटिविटी जोड़ी जाए कि उसे कॉपी करना नामुमकिन हो जाए। मार्क ट्वेन अपना नॉवेल लिखते वक्त इतना खोया रहता था कि उसे खाने के लिए हॉर्न बजाकर बुलाया जाता था। कार्ल युंग शहर से दूर जाकर काम करता था। फिजिसिस्ट पीटर हिग्स इतना डिस्कनेक्टेड रहता था कि उससे संपर्क करना मुश्किल हो जाता था, और बिल गेट्स साल में दो बार "थिंक वीक्स" पर अकेले किसी लेक साइड कॉटेज में जाकर सिर्फ पढ़ते हैं।
शैलो वर्क क्या है 4:01
जब मोबाइल हर वक्त बज रहा हो या नोटिफिकेशंस की परवाह लगी रहे, तो जो काम होता है उसे शैलो वर्क कहा जाता है, यानी ऐसा काम जिसमें कोई कॉग्निटिव एफर्ट नहीं लगता और जिसे डिस्ट्रैक्ट होकर भी किया जा सकता है। यह काम आसानी से कॉपी हो जाता है और कोई वैल्यू नहीं जोड़ता। न्यूपोर्ट कहते हैं कि 99 प्रतिशत लोग ज्यादातर जिंदगी में यही शैलो वर्क करते रहते हैं, और इसीलिए कुछ भी मीनिंगफुल हासिल नहीं कर पाते।
एआई युग में डीप वर्क की जरूरत 5:00
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोट्स की दुनिया में इंसानी स्किल्स तेजी से रिडंडें
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